महक की दुनिया

CuteTanu

New Member
Joined
Apr 3, 2018
Messages
4
Reaction score
1
Points
1
Age
19
Website
my-incest.blogspot.in
हेलो फ्रेंड्स

मैं तन्वी , दो साल पहले मेरी एक फ्रेंड ने sex stories से इंट्रो करवाया . तबसे मेरी लाइफ चेंज हो गई. मैंने सबसे पहली कहानी पढ़ी थी “महक का जादू “. वो कहानी पढ़ कर तन बदन में आग सी लगने लगी , मुझे भी लगने लगा की मैं भी महक सौम्या और रिया की तरह इन्सेस्ट सेक्स करू .

पर मैं होस्टेल में रहती हु , अपनी फॅमिली से बहोत दूर हु , और वैसे भी मेरी फॅमिली में मेरा कोई बड़ा या छोटा भाई नहीं है , और पापा के बारे में मैंने अभी तक कल्पना नहीं की.

इन्सेक्ट सेक्स तो अभी तक नहीं कर पाई.. पर हा लेस्बियन का भरपूर आनंद उठाया है .लास्ट इयर तक मैं एक होस्टेल में थी , वहा हम तिन फ्रेंड्स एक ही रूम में रहती थी ..हम तीनो भी महक का जादू साथ साथ पढ़ती थी ….और तीनो एक दूसरे के बदन से खेलती थी ...वहा लगी आग बुझाने की कोशिश में लगी रहती थी …. इस साल हम तीनो ने एक 1 BHK किराएसे लिया है …. जहा हम फुल मस्ती करते है .

कहानी पढ़ते पढ़ते मैंने सौंदर्या दीदी ( महक का जादू लिखने वाली ) को कांटेक्ट किया , बहोत बार मैसेज करने के बाद हम लोग ऑनलाइन चाट करने लगे और फिर उनसे फ़ोन पर भी बात हुई .सौंदर्या दीदी (ये उनका असली नाम नहीं है ) पुणे में ही रहती है . मेरे सौभाग्य से उनसे रूबरू मुलाकात भी हुयी .

दीदी बहोत ही इंटेलिजंट है, मेरी उनसे बड़ी अच्छी दोस्ती हो गयी. दीदी ने मुझे अपनी लाइफ के बारे में खुल के बताया.वो बहोत ही पर्सनल है …. जिसके बारे में मैंने अभी तक किसी को नहीं बोला …. और ना कभी किसीसे बोलूंगी.

सौंदर्या दीदी ने कुछ वजहों से कहानी लिखना छोड़ दिया ….. मै और मेरी फ्रेंड्स ने उन्हें मानाने को बहोत कोशिश की … लेकिन दीदी नहीं मानी. उसके बाद मैंने कई कहानिया पढ़ी दीदी के फेवरेट अशोक जी की सारी कहानिया पढ़ ली और भी कई कहानिया पढ़ी सबसे स्पेशल कामदेव सूत्र भी पढ़ी .

दीदी की कहानी को आगे बढ़ने की मेरी इच्छा हुई ….. तो मैंने वहा वैसे पोस्ट कर दी … लिकिन दीदी ने मन कर दिया .

लेकिन फ्रेंड्स ...मेरी कई मिन्नतो के बाद दीदी ने परमिशन दी . इतना ही नहीं उन्होंने मुझे हिंदी टायपिंग तक सिखाया और कुछ टिप्स भी दी है .

तो माय डिअर फ्रेंड्स …. मै महक का जादू को आगे बढ़ाने जा रही हु ... पर पहले मै महक का जादू के सारे अपडेट देती हु ..... और उसके बाद मेरी कहानी ......एक नए नाम से “महक की दुनिया “

मेरे इस एफर्ट में आप सभी का प्यार मुझे मिलेंगा इसी अपेक्षा के साथ

आपकी
तनु
 

CuteTanu

New Member
Joined
Apr 3, 2018
Messages
4
Reaction score
1
Points
1
Age
19
Website
my-incest.blogspot.in
दोस्तों मैं अपनी सच्ची कहानी बताने जा रही हूँ. अपनी काहानी शेयर करने का यह मेरा पहला अनुभव है. मेरा आपसे अनुरोध है , कृपया मेरी गलतियों को बताये और मेरा मार्गदर्शन करे ताकि मैं अपनी काहानी आपको अच्छी तरह से बता सकू. आप लोगो के सुझाव और हौसला अफजाई की मैं आतुरता से प्रतीक्षा करुँगी.


मेरा नाम महक है, आज मैं २५ साल की हूँ . मैं अपनी इंजीनियरिंग की स्टडी पूरी कर चुकी हूँ.अभी मैं बिज़नस मैनेजमेंट की पढाई कर रही हूँ. मैं और मेरा परिवार एक छोटेसे कसबे में रहते थे. मेरा परिवार बहोत ही छोटा है, जिसमे मेरे पिता, माँ और मेरा छोटा भाई और मैं ये चार ही लोग रहते थे. मेरे दादाजी का देहांत मेरे बचपन में ही हो गया था.

मेरे पिता एक मेहनती किसान है. हमारी फार्म सारे इलाके में जानी पहचानी है. पिताजी एक पढ़े लिखे किसान है जो नए तरीके से खेती करने में विश्वास करते है. मेरी माँ एक मेहनती गृहिणी है, वो घर के साथ साथ खेती के कामो में भी हाथ बाटती हैं . मेरा छोटा भाई मेरे से सिर्फ दो साल छोटा है.

मेरी ये कहानी वहा से शुरू होती है जब मैं xx साल की थी और मेरा दसवी कक्षा का नतीजा आया था . मुझे पुरे ८५ प्रतिशत मार्क्स मिले थे, माँ पिताजी दोनों बहोत ही खुश थे. मेरे गाँव में xx के बाद पढाई की सुविधा नहीं थी. पिताजी चाहते थे की मैं खूब पढू, बहोत सोच विचार के बाद ये फैसला हुवा की मुझे मामाजी के यहाँ आगे की पढाई के लिए भेजा जाये. मेरे मामाजी शहर में रहते थे. मामाजी के शादी माँ से पहेले हो चुकी थी पर मामाजी अभी तक बेऔलाद थे.
मामाजी और मामिजी दोनों मुझे और मेरे भाई से बेहद प्यार करते थे.
मैं पिताजी के साथ शहर आ गई , मेरे मामाजी का बहोत बड़ा मकान था, और रहने वाले सिर्फ दो लोग.
मामिजी ने कहा "अच्छा हुवा तुम यहाँ आ गई , अब हमारे घर में थोड़ी रौनक आएगी"
मामीजी ने मेरे लए ऊपर वाला कमरा ठीक कर दिया. ताकि मेरी पढाई में कोई डिस्टर्ब ना हो .
 

CuteTanu

New Member
Joined
Apr 3, 2018
Messages
4
Reaction score
1
Points
1
Age
19
Website
my-incest.blogspot.in
शुरुवात में कुछ दिनों तक मुझे घर की बहोत याद आती थी. लेकिन फिर मै ये सोच के खुश होती थी की अगले साल मेरा भैया भी वही आने वाला है.

दोस्तों तब तक मै सेक्स से पूरी तरह से अपरिचित थी. जबकि मुझमे कुछ जिस्मानी तब्दीलिया आनी शुरू हो गई थी, जैसे मेरी छाती के उभार बड़े होने लगे थे, अब ये छोटे संतरे की तरह थे. पर अबतक मै ब्रा नहीं पहेनती थी. मैं अन्दर से समीज पहनती थी. मेरी कांख में भी बाल उगने शुरू हो गए, और वैसे ही बाल मेरी योनी पर भी आने लगे थे.मेरी माहवारी तो पिछले साल ही आना शुरू हुई थी. पर माँ ने इस बारे में जादा कुछ बताया नहीं था.
लेकिन शहर में आने के कुछ दिनों बाद मेरी सेक्स की जानकारी बढ़ने लगी.
मेरी क्लास में जो लडकिया थी उन सबकी छाती मुझसे काफी बड़ी लगती थी. और वो लडकिया काफी फेशनेबल भी थी
उनमे से एक लड़की थी रिया जो की मेरे घर से थोडा पास ही रहती थी, उससे मेरी अच्छी दोस्ती हो गयी. रिया मेरे घर पढाई करने आने लगी, कभी कभार मै उसके घर जाती थी .
एक दिन जब रिया मेरे घर आई थी, हम उपरवाले कमरे में पढाई करने बैठे थे, मै कुर्सी पर और रिया टेबल से टिक कर बैठे थे . अचानक मैं उठ के खड़ीहो गयी, और उसी समय रिया भी सीधी होने जा रही थी, परिणामवश हम दोनोभी जोरोसे टकरा गई. मेरी कोहनी रियाकी छाती से जा टकराई ...
रिया : उई माँ ........ मर गई .....
मै: सॉरी रिया .... बहोत लगा क्या रे
रिया छाती से हाथ लगाये बैठ गई मैंने उसे फिर पूछा "बहोत दर्द हो रहा है क्या? और मैंने उसकी छाती पर हाथ रखा, रिया ने पटक से मेरा हाथ अपने सिने पे दबाते हूए लाबी साँसे लेना शुरू किया . मैंने सोचा की मालिशकरने से उसे कुछ राहत मिलेंगी इसलिए मैंने धीरेसे उसकी छाती को मसलना शुरू किया
 

CuteTanu

New Member
Joined
Apr 3, 2018
Messages
4
Reaction score
1
Points
1
Age
19
Website
my-incest.blogspot.in
अब रिया ने आपनी आँखे बंद कर ली थी और उसने मेरा दूसरा हाथ पकडके अपने दुसरे स्तन पर रख दिया , और मेरे हथोको उपरसे ही दबाने लगी.
मैंने भी अनजाने में उसके स्तानोका मर्दन करना शुरू किया. थोड़ी देर बाद मैंने रुकना चाहा, तो रिया बोली "प्लीज महक , रुक मत यार ...... और जोरो से दबा .... प्लीज़ " और उसने अपना टॉप थोडा खिसका कर मेरे हाथो को अपनी टॉप के अन्दर खीचा, अन्दर समीज या ब्रा कुछ भी नहीं था, उसकी नंगी छतिया मेरे हाथो में थी . मैं असमंजस में थोड़ी देर रुक गई
रिया फिर बोली " प्लीज़ यार महक ...... दबा इनको .... जोरसे दबा दे इनको "मैं फिर अपने काम में लग गई (दबाने के ) , दोस्तों अब मुझे भी अजीब सा मजा आने लगा था. रिया तो अपनी आखें बंद करके पूरी मस्ती में झूम रही थी, मैंने महसूस किया की रिया के निप्पल एकदम कड़े होने लगे, उसने आँखे खोली तो उसकी आँखे गुलाबी लगने लगी , उसने एक झटकेसे मुझे अपनी और खीचा और मेरे होंठो पे अपने होठ रख कर पागलो की तरह चूमने लगी.
मैं कसमसाई, ताकत लगाकर मैंने उसे दूर धकेला
मैं: ये क्या कर रही हो .....
रिया मुझे फिरसे आमने पास खीचते हुए बोली "मेरी जान आ जा मेरी प्यास बुझा दे , मेरे बदन में आग लगी है...... आजा मेरी जान"
मै: "ये क्या पागलो जैसी हरकत कर रही हो रिया ..... छोडो मुझे...." और मैंने उसे जबरदस्ती अपनेसे अलग किया .
रिया: प्लीज यार महक ..... प्लीज .... फिरसे दबा दे ...... देख मैं कैसी जल रही हूँ.... मेरा बदन कैसे तप रहा है......"
इतना कहके उसने मेरा हाथ फिरसे उसकी टॉप के अन्दर डाल दिया.
मैंने महसूस किया की उसका बदन भट्टी की तरह तप रहा था. उसकी आँखे लाल हो गई थी . घबराकर मैं बोली " अरे तेरा बदन तो बहोत ज्यादा गरम लग रहा है.... बुखार आया क्या ?"
रिया : " हा मेरी जान .... ये जवानी का बुखार चढ़ा है मेरे ऊपर .... जल्दी से इसे ठंडा करदे...." और फिरसे वो मेरे हाथो से उसकी छतिया दबाने लगी .मैं: "रिया रुक मैं मामी से मांग के कुछ मेडिसिन लाती हूँ" मैंने फिरसे अपने आप को छुडाने का असफल प्रयास किया.
रिया मेरे हाथ जबरदस्ती से भिचते हूए बोली " हाय रे मेरी भोली डॉक्टर ..... मेरी मेडिसिन तो तेरे ही पास है "
मैं: " मैं समझी नहीं रिया..... ये तुम क्या बोल रही हो ......."
रिया: " मैं सब समझाती हूँ मेरी भोली महक .... तू बस इनको दबाती जा ......"
मैंने हथियार डालते हुए उसके स्तनों को दबाना शुरू किया ......
 
  • Like
Reactions: Randnobhosdo

Users Who Are Viewing This Thread (Users: 0, Guests: 1)